चांद जिनसे करके प्यार शायरी ईमेज

चांद प्यार शायरी ईमेज

आस्मा के सारे तारे टूटकर गिरते रहे
चांद जिनसे करके प्यार, बुझकर चली गई

इतना भी दर्द मत देना कि जिंदा न रह सकूं, तेरी मोहब्बत का इतना तो अहसान हो, मेरी मरती सांसों को कुछ तो आराम हो।

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