हुस्न का चिराग जलाने वाला शायरी ईमेज

हुस्न ओ इश्क शायरी

दो घड़ी में ये अंधेरी रात गुजर जाएगी
हुस्न का चिराग जलाने वाला कोई नहीं

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हर मोड़ पे मेरी जिंदगी की तन्हाई, दिन रात बस तेरी ही याद आई, तुमसे पूछता है मेरे दिल का चैन, तू मेरा सुकून अब तक क्यों नहीं लाई।

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