ऐसे मेहबूब से अदावत शायरी ईमेज

मेहबूब शायरी ईमेज

जो मुझे ना दिखे पर सीने पे खंजर मारे
ऐसे मेहबूब से अदावत मैं भला कैसे करूं

Advertisements

वहीं पे इश्क ठहरा होगा, जहां पर तेरी नजर का पहरा होगा, एक बार जो देख लो तुम हमें मुड़के, हमारा प्यार कुछ और गहरा होगा। shayari photo.

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.